Thursday, 11 May 2023

कर्णाटक का चुनावी गणित

*चुनावी  तस्वीर* कर्नाटक की
-पंडित  ज्योतिर्माली

10 May  2023 को 
कर्नाटक  में  चुनाव  सम्पन्न होते  ही सब की चिंता  रहेगी--कौन और  किसकी सरकार गठित होगी ! विश्व प्रसिद्ध कोलकाता के विख्यात पंडित 
Jyotirmalee जी की  गणित  के अनुसार बीजेपी की सरकार बन सकती  है  जब  आंकड़ा 113 के  पार होगी l
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं  की भाषण बाजी और उनके लुभावने स्कीमों  की  झड़ियों की बौछारों  से जनता भ्रमित हो  सकती  है l  अन्यथा जनता  का रुझान बीजेपी  की  तरफ  रह  सकता है वोट का  प्रतिशत भले  ही कमोबेश हो सकता  है  पर सरकार बीजेपी  की आनी  चाहिए l पूर्व  सीएम 
श्री वासव राज Bommai की भूमिका  अवश्य जनता के लिए  प्रश्न वाचक रहेगी ? परंतु कर्णाटक का भविष्य बीजेपी के बिना सम्भव  नहीं  होगा यह कर्णाटक  की जनता का अनुमान रहेगा .प्रधान मंत्री श्री  नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह , श्री राजनाथ सिंह ,  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जैसे महारथियों  ने  कर्णाटक की जनता की भलाई  हेतु खूब  ताकत लगा  दिया  हैं l वैसे कांग्रेस और किंग्स मेकर  जे डी एस के कुमार स्वामी अपनी करिश्मा दिखाने  में  कोई  कसर नहीं छोड़े हैं।  लेकिन इस  बार कुमार  स्वामी  की भी तस्वीर धूमिल रहेगी l अलग अलग गणित का आधार मान कर देखा  जाय तो बीजेपी को  कर्णाटक में खूब पसीना  बहाकर भी पूर्ण बहुमत की  आशा  कमजोर  दिखती है l  कांग्रेस की  तरफ जनता होगी  तो कैसे  होगी  फिर भी  बीजेपी  की  सरकार की  सम्भावना सबको  रहेगी l क्योंकि  कर्नाटक में जनता  जागरूक  होगई  है एक गणित  से कांग्रेस की  सरकार बीजेपी  को मुहँ चिढ़ा सकती  l देश  मे.कुछेक कांग्रेसियों को गाँधी परिवार से मुहब्बत है l उधर मैडम  प्रियंका गांधी बाडरा भी  अपनी दादी  इंदिरा गांधी की दुहाई  देना न भूली बाबा राहुल जी भारत काभ्रमण कर के कर्णाटक को खुश  कर. सकते  हैं l मैडम. प्रियंका  और सोनियाजी.का  परिश्रम  झटके  से  कांग्रेस की  तस्वीर   बदलने  में शायद  कामयाबी  मिल जाय l फिर भी आगे भविष्य  में माया  ममता बादरा उर्फ  गांधी  समेत  अन्य दल  के  लोग पानी  के  बुलबुले की  तरह विलीन होते  नजर  आयेंगे l बीजेपी  की  बदकिस्मती  होगी  जो  पुराने  सीएम येदयुरप्पा  को  दूध  की  मक्खी  की  तरह निकालने  से  वोट  कम मिलने  से  मुहँ  की  खानी  पड़े  तो  कोई  आश्चर्य  नहीं  होगा ?आज  सारा  देश  हिन्दुत्व  की  तरफ  देखने को विवश है lऐसे  में मोदी और  बीजेपी की पहल  सराहनीय मानी जाएगी lजय श्रीराम और 'जय  बजरंगबली' का उद्घोष  का  नारा सार्थक लगता  है लेकिन  बीजेपी  को  सही  समय  की  पकड़ में  कमजोरी  से  पाशा  उल्टा  भी  पड़  सकता  है बीजेपी  और  कांग्रेस  के  बीच  अंततोगत्वा  कांग्रेस को  अधिक  वोट  की  आशा  रहेगी lबीजेपी की  उद्दंडता  से   कर्णाटक के  चुनाव  से  दुखी  होना  पड सकता  हैlकांग्रेस  कर्णाटक  में  जीत  के  लिए  भारी  ताकत  लगा  लगाएगी  और  विजयी भी  हो  सकती  हैl
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Friday, 28 April 2023

गुरु-अन्तर्यामी तत्व: पंडित ज्योतिर्माली






* गुरु एक अन्तर्यामी  तत्व  है 
"गुरु" कोई "व्यक्ति" नहीं, गुरु कोई"शरीर" नहीं,
 "गुरु" एक "तत्व" है , गुरु एक"शक्ति है" । "गुरु" यदि "शरीर" होता, तो इस छोटी सी "दुनिया" में, एक ही "गुरु" - "पर्याप्त" होता ।समझना  होगा "गुरु" एक "भाव" है l"गुरु" "श्रद्धा" है । "गुरु" "समर्पण" है । आपका "गुरु: आपके "व्यक्तित्व" का "परिचय" है । "कब" "कौन", "कैसे" आपके लिये "गुरु" "साबित" हो, यह आप की "दृष्टि "एवं "मनोभाव "पर निर्भर करता है ।  सुना  और  कहा जाता है  "गुरु" "प्रार्थना" से मिलता है । "गुरु" "समर्पण" से मिलता है, "गुरु" "दृष्टा" "भाव" से मिलता है, "गुरु" "किस्मत: से मिलता है । लेकिन  सच तो यह भी है "गुरु" "किस्मत" वालों को "मिलता" है l इस  कथन को *अनंत श्री विभूषित ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर  जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी कई  बार इस  तथ्य  को सुनाते थे, समझाते  थे l सच  तो  यह  है  कि गुरु का  सही  अर्थ आज  तक  लोग  समझ  नहीं  पाये हैँ l
ठिठोली मे  कहो  गुरु  क्या ख़बर  है  ऐसा  कह  कर एक  उपहास करते  हम  बहुदा सुन  लेते  हैँ l
लेकिन  गुरु  एक  गूढ  तत्व  है  जो  समझ  गया  उसका जीवन  कुछ अंशों  तक सुधर  गया l
ऋषि  मुनियों  की असंख्य पंक्तियाँ  हैँ --
काम  क्रोध  लोभ  मोह 
हमारे  जीवन  की  पग डांडियों के  कांटे  हैं 
इनसे  जो  बच  गया उसीका  जीवन  सम्भल  गया l
सुर  तुलसी  कबीर  जायसी रहिम आदि  जैसे  महान भक्ति भाव वाले मनीषियों  ने  संसार 
को  सहज  जीने  की  प्रेरणा देते  देते अपना जीवन  न्यौछावर  कर  गए  पर  सांसारिक  जीवन भोगी आज  तक  बिगड़े  हुए  बिखरे  पड़े  हैँ 
न गुरु का  बोध  हुआ  न  ही जीवन  की व्याधियों  से  छुटकारा  मिला l सुदामा कृष्ण अर्जुन कृष्ण जैसा सखा ,
राम  भक्त हनुमान -  
राम भरत का भाई - प्रेम 
जैसे असंख्य उदाहरण हैँ 
गुरु  का  पद श्रेष्ठ था 
और  आगे  भी यथावत  रहेगा l
पंडित jyotirmalee@gmail.com 
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Thursday, 30 March 2023

राम मनोहारी, राम नवमी

 *श्री राम जन्मोत्सव*    


श्रीराम की बात निराली-

एक दिन,

विष्णु रूप धर आए राम माता कौशल्या के महल में 

प्रश्न था  -क्यों आये हो प्रभु यहाँ पर ?

विष्णु रूप स्वामी बोले-

"कौशल्या का पुत्र बनने आया हूँ "

 तब बोली माता -"पुत्र बनने आये हो तो लीला करो गोद मे-

पहले छोटा बनो - फिर रुदन करो 

प्रभु हो, ठीक है,पर धरती पर यहां आए हों तो दुनियादारी निभाओ l

जब सब बात समझ मे आई ,तब लीला धारी  माता कौशल्या की गोद मे रुदन करने लगे l

पूरे अयोध्या महल में

छा गयी ख़ुशीहाली चारो तरफ मच गया हो हल्ला 

कौशल्या माता के आँगन में दौड़ पड़ीं दासी दासियाँ 

बिजली की तरह फैल गई ख़बर अयोध्या में ,

जनम हुआ  है राजा दशरथ के पुत्र का l

बजने लगे बाजे पूरी अयोध्या में,

खुशियां केवल राजा के घर मे नही

पूरे अयोध्या नगरी में तरह तरह के ढोल बाजे बजने लगे l.           

  पूरी हुई आशा राजा रानी के

अनाथ  से  

सनाथ हुई अयोध्या नगरी l

घर घर उत्सव होने लगे l

राजा दशरथ को  बोध हुआ -

आये हैं *ब्रह्म लीलाधारी*लीला करने हमारे घर*

सर्वत्र अयोध्या नगरी में बँटने लगे खुशियों के उपहार l

राजघराने में देख खुशियां, देवताओं ने बरसाए भांति भांति के फूल l

चौदहों भुवन के स्वामी भुवनेश्वर ,

बने हैं राजा दशरथ के ललना l

शिव पार्वती भी मोहित हुएअयोध्या मेंआने को l

बार बार वेश धर कर आने लगे बाघम्बर धारीl अयोध्या में बुद्धि वान ज्ञानियों की लग गई होड़.                      

 फिर क्या था देख मौका,

 ललना का हाथ देखने पहुँच गए - शिव बाबा

देखा देखी हुई  दोनों मन्द मन्द मुस्काने लगे  बाबा और शिव - राम

भेद अभेद्य 

पूरे विश्व मे फैल गई चर्चा 

अयोध्या में जन्मे हैं राम 

खबर लगी जब रावण को सहमा ,थर्राया बुदबुदाया 

फिर गुणा भाग करने लगा,

अपनी गति को मापने लगा 

वह भी था शिव जी का  शिष्य  और  भक्त -        जान गया, समझ  गया 

शिव बाबा क्यों पहुँचे थे 

अयोध्या नगरी ..

एक भव्य कोठरी में  जा  बैठा. 

अपनी  गति  को भाँप  गया,  

समझ  गया ज्योतिषीय गणनाओं से ..        

मेरा तरण तारण राम का  प्राकट्य हो गया है ..

मन मे धीरे से बोल उठा 

"जय श्री राम , जै जानकी माता"

जानकी होंगी राम की अर्धांगिनी

वह दूरगामी परिणाम को भाँप लिया था ..

जानकी जी ही होंगी

मेरी गति की मापदंड 

फिर मन मे बुदबुदाया

*जै श्री राम! जै श्री राम !!

राजकुमारी "ज्योतिर्लता"

Sunday, 6 November 2022

  ग्रस्तोदित खग्रास चंद्र ग्रहण                                    *ग्रस्तोदित खग्रास  चंद्र ग्रहण*    (मधुसूदन मिश्र ,पण्डित ज्योतिर्माली एवं  सुपुत्री  सुश्री ज्योतिर्लता ) के अनुसार आगामी कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा भरणी नक्षत्र - मंगलवार ,8 नवम्बर  2022 को चन्द्रग्रहण  लगेगा। भारत मे यह चन्द्र ग्रहण दखाई देगा
इस  चंद्र ग्रहणका   प्रारम्भ भारत में  किसी भी  स्थान से  दिखाई नहीं  देगा। क्योंकि चंद्रोदय  
होने से पूर्व ग्रहण प्रारम्भ हो जाएगा ।  "खग्रास चन्द्र ग्रहण" का मोक्ष पूर्वी भागो में ही दिखाई पड़ेगा* । भारत में भारतीय मानक  समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ  दिन में 02 बज कर 39 मिनट ,मध्य दिन में 04 बज कर 29 मिनट तथा मोक्ष 06 बज कर 19 मिनट पर होगा।  कोलकाता में
4.52 pm पर ग्रहण लगा  हुआ चन्द्रमा दिखेगा
6.19 pm पर मोक्ष होगा  ।
सूतक का मान ग्रहण से 9 घंटा पूर्व  से मान्य होता है
 सुश्री राजकुमारी मिश्रा *ज्योतिर्लता* के अनुसार
 *ग्रस्तोदित खग्रास चंद्रग्रहण*  भारत के इन  प्रमुख स्थलों पर मोक्ष  दृश्य होगा  
अगरतल्ला,आइजोल, भागलपुर, भुवनेश्वर डिब्रूगढ़  दार्जिलिंग गंगटोक ,गुवाहाटी , गया, हजारी बाग,  कोहिमा ,  कोलकाता,  मुजफ्फरपुर,  पटना,  पूरी,  रांची,  सिलीगुड़ी ,  तमिलांग
 *ग्रहण  का फल*:
मिथुन,कर्क,वृश्चिक, कुम्भ,  के लिए शुभ फल दायक शेष राशि वालो को कुछ अनिष्ट की आशंकाएँ रहेंगी
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Monday, 20 June 2022

पिता आकाश की छाया : पण्डित ज्योतिर्माली

पिता जैसा संसार मे कोई नहीं हो सकता पिता की छाया जिसके सिर पर हो वह परम भाग्य शाली व्यक्ति होता है मैं पिता के संजोए संस्कार से ओत प्रोत हूँ। तभी आज तक निज की सेवा की चिंता न करके देश और समाज की सेवा करते हुए सिटिज़न शिप की श्रेणी में पहुंच गया हूँ।
जनसंघ से बीजेपी तक की सफर तय करके भी आज तक किसी निजी दल का सिम्बल न पा सका , किसी खास नेता का खास न बन पाया क्योंकि जन मानस की सेवा का लक्ष्य प्रथम रखता रहा।
दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से एक दो वर्ष नही अपितु लगभग 45 वर्ष जन समुदाय की सेवा करता हुआ व्यतीत कर के किसी भी दल का मोहताज नही हूँ।
यह मेरे पिता की विरासती देन का परिणाम है कर्म करो फल की इच्छा मत करो।
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥"
पिताजी का संदेश और निर्देश को हमने भगवान का आदेश समझकर जन सेवा विश्वमित्र,जनसत्ता,पत्रिका, सन्मार्ग, प्रभात खबर, सहारा,सबरंग और विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में अपना समय खोता रहा। लेकिन, आज मैं खुश हूं कि अनजाने में या जाने में मैं भी देश की सेवा का एक सदस्य रहा हूँ।
पिता से बढ़कर दुनिया मे कोई भी आप का हितैसी नही बन सकता है चाहे वह जितना अधिक निकटतम प्रेमी ही क्यों न हो । जै भारत ,जै गुरुवर, महादेव ।
पंडित ज्योतिर्माली
कोलकाता 

Saturday, 7 May 2022

9 मई दहशत या हकीकत? : पण्डित ज्योतिर्माली

9 मई दहशत या हकीकत?

मधुसूदन मिश्र, पण्डित ज्योतिर्माली
पुतिन की आक्रामक सेना आजतक यूक्रेन जैसे छोटे देश पर अपना कब्जा नही कर पाया। पर विश्व देख रहा है कि किस तरह एक छोटा सा देश कैसे आज शेर की तरह दहाड़ रहा है। पुतिन के पास जो पावर है वह जेलेन्सकी के पास नही थी। पर चंद्रमा मंगल की युक्ति जेलेन्सकी की कुंडली मे प्रबल है। पुतिन के पास हाई टेक्निक लड़ाकू दस्ते है, रमदान कदिरोफ जैसे खूंखार सेनाओं के दल हैं पर जीत अभी भी मुट्ठी से रेत की तरह फिसलती ही जा रही है।
खबरे आ रही  हैं कि 9 मई को रूस विजय दिवस मनाता है। तो इस बार क्या होगा?  साल 2022 के दिन क्या रूस यूक्रेन से लड़ता भिड़ता ही रह जायेगा या इस वार रूस के इतिहास में विजय दिवस पर्व पर एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। 
वृष राशि के पुतिन 11 अप्रैल 2022 से अधिक आशंकाओं से घिर चुके हैं। मस्तिष्क तेज होने के बावजूद उलझ चुका है। दुसरो पर पैनी दृष्टि रखने वाले पुतिन अब खुद स्वयं पर ही किन्ही कारणों से शंका करने लगे हैं। आत्मविश्वास कही न कही खोखला हुआ है। जिसके कारण दुसरो पर न चाहते हुए भी उन्हें भरोसा करना पड़ रहा है। ऐसे में कदिरोफ जैसे लोग पूर्णतया फायदा उठाने को लालायित रहेंगे। कदिरोफ की सेना जैसे जैसे ध्वस्त हो रही है वैसे वैसे जीतने की सनक और हारने का डर सता रहा है। 
उधर जेलेन्सकी घुटने टेकने की सीढ़ी से बहुत आगे बढ़ चुके हैं। उन्हें अपना देश को फिर से खड़ा करना है। इसके लिए उनकी शतरंजी चाल धीरे धीरे रंग ला रही है। जेलेन्सकी की आँखे अभी भी अपने लक्ष्य पर ही टिकी हैं। साम दाम दंड भेद की राह पर दोनो देश के राष्ट्रपति है पर 9 मई का सूर्य जेलेन्सकी की ओर प्रकाश डालेगा पर जैसे सूर्य मध्यान्ह पर पहुंचेगा वैसे ही एक बार लगेगा कि पुतिन कुछ ऐसा कर देंगे जिससे युद्ध का दृष्टिकोण ही पलट जाएगा पर दूर के ढोल   कैसे बजेंगे ये लोग जरूर देखेंगे। रूस की आधी जनसंख्या पुतिन के इस जंग के खिलाफ है तो वही देश को विस्तारवादिता के पक्षधर भी हैं।
 रूस 9 मई को द्वेष के साथ कड़े मन से परंपरा निभाएगा पर जेलेन्सकी का सितारा और बुलन्द होता नजर आएगा। अतः युद्ध अभी भी चलेगा। हमने अपने पिछले लेख में यह स्पष्ट कर दिया था कि पुतिन के ग्रह नवम्बर 2022 तक मतिभ्रम की स्थिति में रहेंगे जिससे विश्व मे तनाव की स्थिति यथावत बनी रहेगी।

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