Thursday, 30 March 2023

राम मनोहारी, राम नवमी

 *श्री राम जन्मोत्सव*    


श्रीराम की बात निराली-

एक दिन,

विष्णु रूप धर आए राम माता कौशल्या के महल में 

प्रश्न था  -क्यों आये हो प्रभु यहाँ पर ?

विष्णु रूप स्वामी बोले-

"कौशल्या का पुत्र बनने आया हूँ "

 तब बोली माता -"पुत्र बनने आये हो तो लीला करो गोद मे-

पहले छोटा बनो - फिर रुदन करो 

प्रभु हो, ठीक है,पर धरती पर यहां आए हों तो दुनियादारी निभाओ l

जब सब बात समझ मे आई ,तब लीला धारी  माता कौशल्या की गोद मे रुदन करने लगे l

पूरे अयोध्या महल में

छा गयी ख़ुशीहाली चारो तरफ मच गया हो हल्ला 

कौशल्या माता के आँगन में दौड़ पड़ीं दासी दासियाँ 

बिजली की तरह फैल गई ख़बर अयोध्या में ,

जनम हुआ  है राजा दशरथ के पुत्र का l

बजने लगे बाजे पूरी अयोध्या में,

खुशियां केवल राजा के घर मे नही

पूरे अयोध्या नगरी में तरह तरह के ढोल बाजे बजने लगे l.           

  पूरी हुई आशा राजा रानी के

अनाथ  से  

सनाथ हुई अयोध्या नगरी l

घर घर उत्सव होने लगे l

राजा दशरथ को  बोध हुआ -

आये हैं *ब्रह्म लीलाधारी*लीला करने हमारे घर*

सर्वत्र अयोध्या नगरी में बँटने लगे खुशियों के उपहार l

राजघराने में देख खुशियां, देवताओं ने बरसाए भांति भांति के फूल l

चौदहों भुवन के स्वामी भुवनेश्वर ,

बने हैं राजा दशरथ के ललना l

शिव पार्वती भी मोहित हुएअयोध्या मेंआने को l

बार बार वेश धर कर आने लगे बाघम्बर धारीl अयोध्या में बुद्धि वान ज्ञानियों की लग गई होड़.                      

 फिर क्या था देख मौका,

 ललना का हाथ देखने पहुँच गए - शिव बाबा

देखा देखी हुई  दोनों मन्द मन्द मुस्काने लगे  बाबा और शिव - राम

भेद अभेद्य 

पूरे विश्व मे फैल गई चर्चा 

अयोध्या में जन्मे हैं राम 

खबर लगी जब रावण को सहमा ,थर्राया बुदबुदाया 

फिर गुणा भाग करने लगा,

अपनी गति को मापने लगा 

वह भी था शिव जी का  शिष्य  और  भक्त -        जान गया, समझ  गया 

शिव बाबा क्यों पहुँचे थे 

अयोध्या नगरी ..

एक भव्य कोठरी में  जा  बैठा. 

अपनी  गति  को भाँप  गया,  

समझ  गया ज्योतिषीय गणनाओं से ..        

मेरा तरण तारण राम का  प्राकट्य हो गया है ..

मन मे धीरे से बोल उठा 

"जय श्री राम , जै जानकी माता"

जानकी होंगी राम की अर्धांगिनी

वह दूरगामी परिणाम को भाँप लिया था ..

जानकी जी ही होंगी

मेरी गति की मापदंड 

फिर मन मे बुदबुदाया

*जै श्री राम! जै श्री राम !!

राजकुमारी "ज्योतिर्लता"

Sunday, 6 November 2022

  ग्रस्तोदित खग्रास चंद्र ग्रहण                                    *ग्रस्तोदित खग्रास  चंद्र ग्रहण*    (मधुसूदन मिश्र ,पण्डित ज्योतिर्माली एवं  सुपुत्री  सुश्री ज्योतिर्लता ) के अनुसार आगामी कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा भरणी नक्षत्र - मंगलवार ,8 नवम्बर  2022 को चन्द्रग्रहण  लगेगा। भारत मे यह चन्द्र ग्रहण दखाई देगा
इस  चंद्र ग्रहणका   प्रारम्भ भारत में  किसी भी  स्थान से  दिखाई नहीं  देगा। क्योंकि चंद्रोदय  
होने से पूर्व ग्रहण प्रारम्भ हो जाएगा ।  "खग्रास चन्द्र ग्रहण" का मोक्ष पूर्वी भागो में ही दिखाई पड़ेगा* । भारत में भारतीय मानक  समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ  दिन में 02 बज कर 39 मिनट ,मध्य दिन में 04 बज कर 29 मिनट तथा मोक्ष 06 बज कर 19 मिनट पर होगा।  कोलकाता में
4.52 pm पर ग्रहण लगा  हुआ चन्द्रमा दिखेगा
6.19 pm पर मोक्ष होगा  ।
सूतक का मान ग्रहण से 9 घंटा पूर्व  से मान्य होता है
 सुश्री राजकुमारी मिश्रा *ज्योतिर्लता* के अनुसार
 *ग्रस्तोदित खग्रास चंद्रग्रहण*  भारत के इन  प्रमुख स्थलों पर मोक्ष  दृश्य होगा  
अगरतल्ला,आइजोल, भागलपुर, भुवनेश्वर डिब्रूगढ़  दार्जिलिंग गंगटोक ,गुवाहाटी , गया, हजारी बाग,  कोहिमा ,  कोलकाता,  मुजफ्फरपुर,  पटना,  पूरी,  रांची,  सिलीगुड़ी ,  तमिलांग
 *ग्रहण  का फल*:
मिथुन,कर्क,वृश्चिक, कुम्भ,  के लिए शुभ फल दायक शेष राशि वालो को कुछ अनिष्ट की आशंकाएँ रहेंगी
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Monday, 20 June 2022

पिता आकाश की छाया : पण्डित ज्योतिर्माली

पिता जैसा संसार मे कोई नहीं हो सकता पिता की छाया जिसके सिर पर हो वह परम भाग्य शाली व्यक्ति होता है मैं पिता के संजोए संस्कार से ओत प्रोत हूँ। तभी आज तक निज की सेवा की चिंता न करके देश और समाज की सेवा करते हुए सिटिज़न शिप की श्रेणी में पहुंच गया हूँ।
जनसंघ से बीजेपी तक की सफर तय करके भी आज तक किसी निजी दल का सिम्बल न पा सका , किसी खास नेता का खास न बन पाया क्योंकि जन मानस की सेवा का लक्ष्य प्रथम रखता रहा।
दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से एक दो वर्ष नही अपितु लगभग 45 वर्ष जन समुदाय की सेवा करता हुआ व्यतीत कर के किसी भी दल का मोहताज नही हूँ।
यह मेरे पिता की विरासती देन का परिणाम है कर्म करो फल की इच्छा मत करो।
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥"
पिताजी का संदेश और निर्देश को हमने भगवान का आदेश समझकर जन सेवा विश्वमित्र,जनसत्ता,पत्रिका, सन्मार्ग, प्रभात खबर, सहारा,सबरंग और विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में अपना समय खोता रहा। लेकिन, आज मैं खुश हूं कि अनजाने में या जाने में मैं भी देश की सेवा का एक सदस्य रहा हूँ।
पिता से बढ़कर दुनिया मे कोई भी आप का हितैसी नही बन सकता है चाहे वह जितना अधिक निकटतम प्रेमी ही क्यों न हो । जै भारत ,जै गुरुवर, महादेव ।
पंडित ज्योतिर्माली
कोलकाता 

Saturday, 7 May 2022

9 मई दहशत या हकीकत? : पण्डित ज्योतिर्माली

9 मई दहशत या हकीकत?

मधुसूदन मिश्र, पण्डित ज्योतिर्माली
पुतिन की आक्रामक सेना आजतक यूक्रेन जैसे छोटे देश पर अपना कब्जा नही कर पाया। पर विश्व देख रहा है कि किस तरह एक छोटा सा देश कैसे आज शेर की तरह दहाड़ रहा है। पुतिन के पास जो पावर है वह जेलेन्सकी के पास नही थी। पर चंद्रमा मंगल की युक्ति जेलेन्सकी की कुंडली मे प्रबल है। पुतिन के पास हाई टेक्निक लड़ाकू दस्ते है, रमदान कदिरोफ जैसे खूंखार सेनाओं के दल हैं पर जीत अभी भी मुट्ठी से रेत की तरह फिसलती ही जा रही है।
खबरे आ रही  हैं कि 9 मई को रूस विजय दिवस मनाता है। तो इस बार क्या होगा?  साल 2022 के दिन क्या रूस यूक्रेन से लड़ता भिड़ता ही रह जायेगा या इस वार रूस के इतिहास में विजय दिवस पर्व पर एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। 
वृष राशि के पुतिन 11 अप्रैल 2022 से अधिक आशंकाओं से घिर चुके हैं। मस्तिष्क तेज होने के बावजूद उलझ चुका है। दुसरो पर पैनी दृष्टि रखने वाले पुतिन अब खुद स्वयं पर ही किन्ही कारणों से शंका करने लगे हैं। आत्मविश्वास कही न कही खोखला हुआ है। जिसके कारण दुसरो पर न चाहते हुए भी उन्हें भरोसा करना पड़ रहा है। ऐसे में कदिरोफ जैसे लोग पूर्णतया फायदा उठाने को लालायित रहेंगे। कदिरोफ की सेना जैसे जैसे ध्वस्त हो रही है वैसे वैसे जीतने की सनक और हारने का डर सता रहा है। 
उधर जेलेन्सकी घुटने टेकने की सीढ़ी से बहुत आगे बढ़ चुके हैं। उन्हें अपना देश को फिर से खड़ा करना है। इसके लिए उनकी शतरंजी चाल धीरे धीरे रंग ला रही है। जेलेन्सकी की आँखे अभी भी अपने लक्ष्य पर ही टिकी हैं। साम दाम दंड भेद की राह पर दोनो देश के राष्ट्रपति है पर 9 मई का सूर्य जेलेन्सकी की ओर प्रकाश डालेगा पर जैसे सूर्य मध्यान्ह पर पहुंचेगा वैसे ही एक बार लगेगा कि पुतिन कुछ ऐसा कर देंगे जिससे युद्ध का दृष्टिकोण ही पलट जाएगा पर दूर के ढोल   कैसे बजेंगे ये लोग जरूर देखेंगे। रूस की आधी जनसंख्या पुतिन के इस जंग के खिलाफ है तो वही देश को विस्तारवादिता के पक्षधर भी हैं।
 रूस 9 मई को द्वेष के साथ कड़े मन से परंपरा निभाएगा पर जेलेन्सकी का सितारा और बुलन्द होता नजर आएगा। अतः युद्ध अभी भी चलेगा। हमने अपने पिछले लेख में यह स्पष्ट कर दिया था कि पुतिन के ग्रह नवम्बर 2022 तक मतिभ्रम की स्थिति में रहेंगे जिससे विश्व मे तनाव की स्थिति यथावत बनी रहेगी।

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Thursday, 21 April 2022

फ्रांस का अगला राष्ट्रपति कौन?? :पण्डित ज्योतिर्माली

फ्रांस का अगला राष्ट्रपति कौन??

:पण्डित ज्योतिर्माली

फ्रांस के राष्ट्रपति पद के दावेदार इमानुअल मैक्रॉन ओर ले पेन के बीच है। दो चरणों मे पूरा होने वाला यह चुनाव 24 अप्रैल 2022 को पूर्णता की ओर अग्रसर होगा।
तत्कालीन राष्ट्रपति श्री मैक्रॉन 4 अंक के व्यक्ति हैं। राष्ट्रपति पद की दूसरी उम्मीदवार ले पेन 4 अंक से ही जुड़ी हुई है।
मकर लग्न मेष राशि मे जन्म लेने वाले 21 दिसंबर 1977  को जन्मे मैक्रॉन की राहु की महादशा चल रही है। ऊपर से शांत दिखने वाले इमानुएल मैक्रॉन असल मे कुटनीति के विशेषज्ञ है। साम दाम दंड भेद की रणनीति लेकर चलने वाले मैक्रॉन सरल है तो प्रशांत किशोर की तरह सफल रणनीतिकार भी हैं। राहु में सूर्य का अंतर संघर्ष दिखाता है तो वही मैक्रॉन मज़े हुए खिलाड़ी की तरह अपनी चित पट मेरी करके बाज़ी मार लेने में माहिर हैं। 
वही ले पेन 5 अगस्त 1968 को मकर राशि मे जन्मी और वकालत जिसका पेशा है कही न कही इसबार भी पिछड़ने के योग दिखता है। अपनी पार्टी  को एक ऊंचाई तक पहुचाने वाली ले पेन मैक्रॉन से जीतने में उतनी सक्षम नही दिख रही हैं। उनके ग्रह उनके लिए तो सशक्त हैं पर देश की सेवा का मौका अभी नही मिल पाएगा। 
मैक्रॉन की रणनीति के आगे स्वयं को कुछ बौना सा महसूस करेंगी। मैक्रॉन के लग्न पर वक्री मंगल की दृष्टि पड़ रही है। वही नीच का वृहस्पति लग्न में बैठकर उन्हें जीत हासिल करवा ही देगा। देश के प्रति उनकी जागरूकता फ्रांस के लोगो के दिल मे कुछ बस गई है। जिस कारण उन्हें एकबार फिर जीत का मुह देखने को मिलेगा।  
मैक्रॉन का युवा होना भी देश को आगे बढाने में सहयोग करेगा। युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बनेंगे।

Wednesday, 16 March 2022

योगी जी का राज्याभिषेक: पण्डित ज्योतिर्माली

*योगी जी का राज्याभिषेक*
:पण्डित ज्योतिर्माली
उत्तरप्रदेश के यशश्वी, निर्भीक, न्याय के पक्षधर, जनता के लिए मसीहा बने क्षत्रिय से योगी स्वरूप में अवतरित आदित्यनाथ जी एक नया इतिहास रच कर भारत के राजनीतिक गलियारे में सबको अचंभित करनेवाले बाबा आदित्यनाथ जी लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ लेगें।
मुझे अधिक खुशी है क्योंकि मैंने अक्टूबर 2021 में ही आदित्यनाथ योगी जी को उत्तरप्रदेश का एक सफल मुख्यमंत्री बन जाने की भविष्यवाणी कर दी थी। जबकि विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज चैनेलो की टीम 2022 जनवरी से मार्च 2022 तक  एक्जिट पोल के सहारे सरकार और आम जनता के लिए सिरमौर बन कर नित्य नई नई एक्जिट पोल के सहारे चुनावी भविष्यवाणियां करते नही थकते थे।
जबकि ज्योतिष विद्या में यह निश्चित हो गया था कि कौन किस प्रदेश से कौन प्रत्याशी चुना जाएगा या मुख्यमंत्री बनेगा।
लेकिन सबको मीडिया पर कौतूहल अच्छा लगता है। किसी अच्छे नामधारी ज्योतिषियों पर शीघ्र विश्वास नही हो पाता; पता नही क्यों ? 
यही नही जोगी जी कब शपथ ग्रहण करेंगे इसपर भी भारी सस्पेंस बन चुका था। आनन फानन में कुछ विद्वानों ने 12 मार्च को शपथ लेने की घोषणा कर दी थी। जबकि ऐसा सम्भव नही था। होलाष्टक 10 मार्च को ही लग चुका था फिर 12 मार्च को शपथ लेना उचित नही था। क्योंकि एक मुख्यमंत्री के साथऔर कौन अति विश्वसनीय जोड़ीदार सह मुख्यमंत्री बनेंगे इसका विचार करना जरूरी था क्योंकि पहले के विश्वसनीय उप मुख्यमंत्री चुनाव में हार गए हैं। यह भी एक आश्चर्यजनक खेल हो गया लेकिन जोगी जी जिसका हाथ /साथ पकड़ते हैं उसके लिए क्या अच्छा होगा सर्वसम्मति से बीजेपी के अन्य मंत्री गण आपस मे मिलजुल कर परामर्श से मंत्रियों का चयन किया जाता है। क्योंकि यह बीजेपी एक संगठित पार्टी है पाकेट या पारिवारिक   दल की पार्टी नही है।
जो भी हो बीजेपी को खूब सावधानी बरतनी ही पड़ेगी क्योकि ,हारे हुए *शेर भालू* बीजेपी के सबका साथ सबका विकास की रुप रेखा पर पहले से भी अधिक आक्रामक बनेंगे। 
इसलिए अहंकार और बदले  की भावना का तिरस्कार करना होगा तभी जनता के अनुरूप बीजेपी स्वतंत्र रूप से भारत देश के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम होगी।

अब रही जोगी जी के शपथ ग्रहण की बात- तो उनके लिए सम्बत 2078 ,चैत्र कृष्ण, 3/4तिथि  सोमवार , स्वाती नक्षत्र, छत्र योग, सपथ लेने के लिए अच्छा मुहूर्त है। लेकिन दिनांक 22 मार्च 2022  रगपंचमी,तिथि दिन मंगलवार ,विशाखा नक्षत्र, श्री वत्स योग, का मुहूर्त  भी श्रेष्ठ है
यदि इस मुहुर्त में श्री आदित्यनाथ योगी जी  सपथ लेते हैं तो आगामी 5 वर्षो तक अपने कार्यों में पूर्ण सफल  होंगे ही और निर्विघ्न  विपक्षी दलों को मात करते  रहेंगे आने वाले विभिन्न संकटो से हमेशा सुरक्षित रहेंगे।
वैसे योगी जी पूर्णतः योगी स्वरूप हैं। आप के लिए वही मुहुर्त श्रेष्ठ होगा जिस मुहुर्त को खुद चयन कर लेंगे। क्योंकि शास्त्र मत यह भी है कि जो सन्यासी बन जाता है उसकी आत्मा  ईश्वरमय हो जाती है।
मेरी कई भविष्यवाणियों की अन्य मंत्रियों ने कई बार सराहना की है। इसलिए बीजेपी के गणमान्यजन को अच्छे मुहुर्त में उत्तरप्रदेश के योगी जी को शपथ दिलावें तो सर्वोत्तम होगा।

Monday, 14 March 2022

Punjab ka Chief Minister 2022: Pandit Jyotirmalee

Election Result 2022
Read out what Astrologer Pandit Jyotirmalee had to say on Punjab Assembly election 2022
Pandit Jyotirmalee
पंजाब 
पंजाब राज्य का चुनाव इस बार एक नया इतिहास रचने जा रहा है। कांग्रेस, आप, भाजपा और दूर खड़ी अकाली दल के उम्मीदवार रण में अपना प्रदर्शन दिखा रहे हैं। लेकिन यहां असली लड़ाई कांग्रेस, भाजपा और आप के मध्य ही है। जिसमें चन्नी जी का भाग्य मजबूत तो है जो रातोंरात उन्हें एक ऐसी गद्दी पर विराजमान करवा दिया जिसकी कल्पना उन्होंने शायद अपने सपने में भी नहीं की होगी। दशम भाव पर शनि की दृष्टि पड़ने से अकस्मात योग बना और द्वन्द के मध्य उन्हें अकल्पनीय सिंहासन की प्राप्ति हो गई। अब सवाल उठता है कि संयोगवश बनने वाले मुख्यमंत्री चन्नी दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगें। वहीं भंगवंत मान को आप पार्टी के मुखिया श्री अरविंद केजरीवाल ने जो मान उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर मान दिया है उसका मान क्या भगवंत मान रख पाऐंगें। भाजपा की कुंडली पर दृष्टि डालने से यह ज्ञात होता है कि पंजाब में भाजपा  प्रायःनगण्य स्थिति में रहेगी। वहीं असली लड़ाई आप और कांग्रेस के मध्य है। जहां मतदाता एक ओर आप को पुरानी भाषा में कहा जाए तो एक चांस इसको भी देकर देखते हैं। दिल्ली माडल पंजाब में कहीं न कहीं लोगों के दिमाग में घर कर चुका है। दोनों पक्षों को अगर तुलनात्मक रुप में देखें तो चन्नी के मुख्यमंत्री बनने का योग कम दिखता है तो आप पार्टी रेस में बहुत आगे निकल जाएगी। फलस्वरुप पंजाब राज्य में रस्साकशी की स्थिति पैदा हो जाएगी। जहां कांग्रेस पार्टी की सीटों में कमी जरुर आएगी और आप पार्टी आंकड़ों में बहुत आगे निकल जाएगी।लगता है भगवंत मान मानरख पायेगे। अंतत:  ग्रह ऐसे संकेत कर रहे हैं आप बहुमत के करीब होगी, सरकार गठन करने की स्थिति में होते दिखेंगें।